Monday, 6 August 2018

डायबिटीज का होगा जड़ से खात्मा, करनी होगी सिर्फ एक कॉल




डायबिटीज सिर्फ एक बिमारी नहीं बल्कि एक जानलेवा खतरा भी है जिससे छुटकारा पाने के लोग कई तरह के नुस्खे और दवाईया अपनाते है लेकिन फिर भी कोई फर्क नहीं दिखाई देता है. आजकल यह बिमारी इतनी आम हो गयी है की हर 5 में से 3 व्यक्ति इससे जूझ रहा है. अगर आप भी इस रोग से ग्रस्त है और इससे जल्द से जल्द छुटकारा पाना चाहते है तो संजीवनी अयुर्वेदाश्रम आपके लिए लाये है Diab Klinic, यह बरसो के अनुसंधान और अध्ययन से बनायीं गयी एक 100% आयुर्वेदिक औषधि है जो न सिर्फ आपके ब्लड सुगर लेवल को नियंत्रित करता है बल्कि इसके दुष्प्रभावो को भी कम करता है. इसके नियमित इस्तेमाल से आप स्वस्थ्य और सामान्य जीवन बिता सकते है. तो जल्द ही घर बैठे दवा आर्डर करे. अधिक जानकारी के लिए अभी call करे 9871705436.

डायबिटीज एक तेज़ी से फैलता हुआ रोग है जिसका ठीक से इलाज न होने पर यह आपके शारीर के दुसरे अंगो पर गहरा दुष्प्रभाव डाल सकता है और उनको पूरी तरह से निष्क्रिय बना सकता है. ज़्यादातर लोगो को तो पता भी नहीं चलता की उन्हें डायबिटीज है या वो इसके शुरुवाती लक्षणों जैसे शारीर में कमजोरी आना, जल्दी थकान होना, ज्यादा भूख लगना, मुंह सूखना, आँखों की रौशनी जाना, घाव का जल्दी ठीक न होना, बार-बार पेशाब आना, खुजली और जलन आदि को अनदेखा कर देते है यह सोच कर की उन्हें तो डायबिटीज कभी हो ही नहीं सकता. पर आपकी यह धारणा कभी भी गलत हो सकती है, इसलिए बहुत ज़रूरी है की अगर आपको मधुमेह के लक्षण महसूस हो रहे है तो आप इसकी तुरत ही जांच कराये.

यह खतरनाक बिमारी होने पर शारीर का मेटाबोलिक रेट और प्रतिरोधक छमता कम हो जाती है जिससे दूसरी अन्य बीमारियों के होने का खतरा बढ़ जाता है जैसे ब्लड प्रेशर की समस्या होना, किडनी इन्फेक्शन, आँखों का अंधापन, हार्ट अटैक आदि. इसके इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरते. तो आईये Diab Klinic के बारे में और जानकारी लेते है.

डायबिटीज का सफल और सम्पूर्ण इलाज: Diab Klinic
Diab Klinic कई वर्षो से आयुर्वेद में इस्तेमाल की जाने वाली जानी मानी आयुर्वेदिक औषधि है जो शतप्रतिशत प्रकृति की अनमोल व प्रभावशाली जडिबुटीयो जैसे विजयसार, शिलाजीत, नीम, करेला, मेथी, हल्दी, गुडमार, गुडूची, जामुन बीज, पलाश, बेल पत्र, चिरायता, अर्जुन आदि का अनोखा मिश्रण है जो ब्लड सुगर को नियंत्रण में रखने में मदद करता है और इसका प्रभाव कम कर शारीर को कुशलतापूर्वक दूसरी बिमोरियो से भी बचाता है.

नियम अनुसार Diab Klinic का रोजाना इस्तेमाल करने से आपके पैंक्रियास में पाई जाने वाली बीटा सेल्स सक्रिय हो कर इन्सुलिन पर्याप्त मात्रा में बनाने लगती है जिससे ब्लड सुगर का लेवल घटकर नियंत्रण में आ जाता है. यह रक्त में बढ़े हुए Cholesterol & Triglycerides को भी कम करता है. इसमें मौजूद प्रबल और फायदेमंद जडिबुटीया पूरे स्वास्थ्य में सुधार कर तंत्रिकाओ, हृदय, रक्त वहिकायो, आँखों और गुर्दों की भी सुरक्षा करती है.

मधुमेह के रोगियों को Diab Klinic के उचित इस्तेमाल के साथ-साथ नियमित रूप से खान-पान में सावधानी रखनी चाहिए, खाने में हरी सब्जियों का प्रयोग करे और मीठी, वसायुक्त, तेलिये चीजों जैसे ब्रेड, फ़ास्ट फ़ूड, चावल, चीकू, शकरकंदी, आम, केला, अन्नानास आदि का परहेज़ कर खुद को इनसे दूर रखे. रोजाना व्यायाम करे और देखे जल्द ही आपकी डायबिटीज कण्ट्रोल में आकर आपको फिर से सेहतमंद और स्वास्थ्य से भरपूर जीवनशैली व्यतित करने का मौका मिलेगा. तो अभी ऊपर दिए गए नंबर पर call करे और सुखमयी सेहतमंद जीवन का भरपूर आनंद उठाये. याद रखे Diab Klinic एक आयुर्वेदिक औषधि है इसका किसी भी प्रकार का कोई भी दुष्प्रभाव आपकी सेहत पर नहीं पड़ता चाहे आप इसको कितने भी लम्बे समय तक इस्तेमाल करे.

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Monday, 30 July 2018

सिर्फ 7 दिन में सफ़ेद दाग का जड़ से सफाया, यह अचूक आयुर्वेदिक दवा करेगी सफल इलाज



सफ़ेद दाग का रोग कोई सामाजिक अभिशाप नहीं है. दुसरे रोगों की तरह यह भी एक शारीरिक विकार है जिससे आपको घबराने की ज़रूरत नहीं है, यह एक पूर्ण रूप से ठीक होने वाली बीमारी है, इसे छुपाये नहीं बल्कि इसका सम्पूर्ण और सफल आयुर्वेदिक इलाज कराये. सफ़ेद दाग एक आम बिमारी है जिसका आयुर्वेद में सफल इलाज मौजूद है, यह उपचार आपके सभी सफ़ेद दागो को सामान्य रंगत प्रदान कर आपको सफ़ेद दागो से छुटकारा दिलाता है. मात्र कुछ दिनों के इस्तेमाल से ही अप इससे पूरी तरह से निजात पा सकते है और वो भी बिना किसी दुष्प्रभाव के क्यूंकि यह एक आयुर्वेदिक औषधि है जो की प्रकृति की अनमोल जडिबुटीयो को पर्याप्त मात्रा में एकसाथ मिलाकर बनायीं गयी है जिसका आपके शारीर पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है.

आईये जानते है सफ़ेद दाग का आयुर्वेद में इलाज कैसे होता है:
यह एक ऑटोइम्यून बिमारी है जिसका समय पर इलाज करना बहुत ज़रूरी है. इस रोग में त्वचा को रंगत प्रदान करने वाली कोशिकाए “ मेलेनोसाइट्स ”  नष्ट हो जाती है जिसके कारणवश त्वचा के ऊपर सफ़ेद रंग के दाग होने लगते है जो की धीरे धीरे आपस में मिलकर बड़े सफ़ेद धब्बो का रूप ले लेते है. हालाँकि यह कोई प्राणघातक रोग नहीं है और ना ही ये छूने से फैलता है परन्तु यह आपकी सुन्दरता को नष्ट कर देता है जिससे लोग भयभीत रहते है.

विटामिन C की अधिकता, पेट में लम्बे से समय से कीडे (परजीवी) होना, लीवर की खराबी, खून का साफ़ न होना, अनुवांशिकता और दूध के साथ नमक या मछली का प्रयोग करना सफ़ेद दाग होने के मुख्य कारण है.  आमतौर सफ़ेद दाग ही समस्या हाथ, पाँव, कान या उसके पीछे, गर्दन, घुटने या चेहरे से शुरू होकर इलाज वक़्त पर ना होने से पूरे शरीर पर फैलती जाती है.

संजीवनी अयुर्वेदाश्रम बरसो के अनुसन्धान और परिक्षण के बाद आपके लिए लाये है अभी तक की सबसे लोकप्रिय और रामबाण इलाज जो सफ़ेद दागो को तेज़ी से ख़तम करता है, उनको वापस से प्राकृतिक रंगत प्रदान करके और शारीर की अन्दर के toxins को दूर कर खून को साफ़ करता है. सफ़ेद दाग होने के कारणों को जड से दूर कर यह आयुर्वेदिक हर्बल मेडिसिन आपको हमेशा के लिए सफ़ेद दागो से निजात दिलाता है.

यह एक अचूक आयुर्वेदिक दवा है जिसका डॉक्टर से सलाह के बाद निर्धारित रूप से इस्तेमाल कर आप जल्द ही सफ़ेद दागो से मुक्ति पा सकते है. पूरी जानकारी के लिए और अभी डॉक्टर की सलाह लेने के लिए call करे 9871705436.


Saturday, 7 July 2018

Fat. Fatter. Dead



Literally yes, being obese or overweight can claim many years of your life and can even cost you your exclusive life. Every year millions of people die around the world just because of obesity. Studies have shown that people with extra kilos of weight making them overweight and obese die earlier than their expected lifespan. People with excessive fat die around one year before and other moderately obese cut down about three years of span from their lives.
Even by being warned by doctors from time to time to spend a healthy life with improved eating habits and regular exercise people do not take it seriously and keep on eating junk and unhealthy food which keeps on adding piles of fat. Living lazy life without any sort of exercise leads to building of fatty cells profusely which makes the body unable to function smoothly and properly.
According to researchers, these unhealthy habits make people obese and keep on adding to their weight, leading to various health risks and complications. Obesity in itself is a health disorder which initiates a chain of disorders in the body. It can alone cause multiple risks in the body such as heart failure, strokes, cancer, liver failure, diabetes, blood pressure problems, osteoarthritis, breathing problems and many others.
Day by day increasing percentage of people suffering from obesity has made it a global health concern. Not even adults but children of younger age groups are getting affected by it easily. With the increasing weight the risk of health disorders and death also increases. The risk of premature death rises to up to three times if a person is obese or overweight.
If you feel you are one of them and searching for best treatment to curb weight gain and start reducing excessive fat from the body without any side effects then Obyslim is the sure-fire cure to lose your weight naturally via sweat and urine. Its regular orderly use as prescribed promotes metabolic rate in order to enhance rate of melting excessive fat globules and charges you up with loads of energy.
Composed of natural herbs Obyslim is rich in antioxidants which enable body to reduce bad cholesterol. With other medicinal herbs like Agnimanth, Arjuna, Triphala, Babool, Mustak and Katuki it gently removes deep seated toxins from the body, rejuvenates and detoxifies the whole system and corrects metabolic fire. The remarkable properties of these herbs work tremendously to burn fat cells rigorously. You will start feeling the changes within yourself just after few days of using herbal preparation of obyslim. This ayurvedic supplement also curbs the desire to gorge on fatty eatables and beverages which make you lose weight quickly.
As it is a natural remedy Obyslim is free from harmful chemical and preservatives. It works magically to shred off excessive fat naturally and boosts your inner health. This is a high quality product by using which you can get desired toned body shape. Practising physical exercise for around half an hour regularly and eating healthy diet is recommended to get improved results.    

Tuesday, 22 May 2018

Ayurvedic Treatment For Skin Diseases



Having a naturally beautiful, smooth and glowing skin is what everyone dreams of but due to various factors skin becomes dry, patchy, dull and imperfect, according to ayurveda imbalance of threes doshas of vata pitta and kapha are responsible for bringing skin diseases, where pitta dosa is the main suspect. Pitta symbolizes heat and fire and aggravation of pitta may cause various skin disorders like eczema, psoriasis, vitiligo (Leucoderma), sunburn, blisters, acne, skin sores, cracks, dryness, itching, rashes etc.

Causes of skin disorder
Other than pitta aggravation, skin problem signifies poor health, poor diet (odd food combinations), indigestion, stress, caffeine, drug or alcohol abuse, constipation, lack of exercise, poor blood circulation, blood impurities, liver malfunction, dehydration and hormonal imbalance. Pollution of air, sun damage, high intake of fast food and oily food and lack of exercise are other reasons behind skin diseases.

Natural Ayurvedic Treatment for Skin Disorder
Sanjivani Ayurvedashram offers best and proven ayurvedic herbal treatment for skin diseases which eradicates the root cause rendering permanent relief from serious skin disorders like leucoderma, psoriasis, eczema and others. The medicinal herbs such as aloe vera, neem, amla, brahmi, haritaki, sandal wood, turmeric, kesar and tulsi promotes blood circulation, removes toxins, purifies blood, reduces inflammation, sores, blisters and spots, enhances functioning of digestive system and provides nourishment to the skin.  The cooling effect of these herbs nullifies eczema and hydrates skin. Rich in antibacterial and antimicrobial properties this treatment soothes skin, cures acne, blemishes, fungal infections and chronic skin diseases (Psoriasis patches).

This formulation of traditional extracts of pure herbs gives your skin ultimate radiance and glow. Beneficial in removing plaques of psoriatic skin and helpful in curing vitiligo by blood purification and melanin production this medicine is getting popular around the world day by day.

The regular use of this treatment from Sanjivani can bring you amazing results by making your skin naturally beautiful, flawless, radiant and perfect.

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Thursday, 17 May 2018

What Is A Good Treatment For Leucoderma?



Today there are various options available in the market to treat skin disorder of Leucoderma, however research has shown that a large percentage of population is heading towards practising Ayurvedic treatment worldwide as this science of healing promotes phenomena of curing naturally and without any sort of harm or side effects even on prolonged use.

We at Sanjivani Ayurvedashram practice and follow principles of Ayurveda rigorously from the core so that we can spread happiness, health and wellness throughout the World.

Herbal treatment from Sanjivani is 100% natural, safe and without any side effects. The combined formula of medicinal herbs, herbominarals and sterile products (swarna bhasma) altogether brings forward an unmatchable treatment solution to regenerate and activate pigment cells (melanin) responsible to give natural color to the skin. The active herbs also work to cleanse the toxins from the body and skin, improve digestion, eradicate worms from the digestive tract, purify blood and harmonize balance between vata, pitta and kapha.

Regular use of herbal medicine under proper consultation and prescription of doctor helps to remove symptoms of white spots gradually and stops them from merging together and spreading in the form of wider patches further. Being a non- contagious disorder it doesn’t spreads by getting in touch with the patient however if not treated well in time it can spread from small spots to larger white patches throughout the body of the sufferer.

After thousands of years of research and development Sanjivani has been able to develop its ayurvedic herbal treatment for Leucoderma which works magically to remove white spots naturally and helps you get back your natural, smooth and glowing skin back. Its herbal contents starts working as soon as you start using it and makes the lesions of white spot diminish by time and helps in regeneration of pigment cells so that skin gets back is natural pigmentation naturally. Its continuous use doesn’t allow de-pigmentation to occur again.

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Monday, 7 May 2018

Ayurvedic Treatment For Leucorrhoea To Prevent Vaginal Infection


Shveta Pradara is another name of Leucorrhoea in ayurveda, caused due to impaired Kapha dosha and Rasa dhatu in the body. Common disorder found in females Leucorrhoea refers to experiencing discharge of thick whitish sticky fluid from vagina sometimes accompanied with foul odour. It can be very frustrating and uncomfortable as it always keeps the vaginal area wet with unpleasant smell.

The consistent secretion of fluid vitiates the normal vaginal PH balance of 3.5 - 4.5 inviting various vaginal infections and STDs due to presence of bacteria and yeast. Bacterial infections take place due to replacement of healthy bacteria with unhealthy ones which causes vaginitis, condition of inflammation and pain in vagina.  Yeast infections can also incur with inflammation and redness, accompanied with burning sensation, micturition, pain and discomfort.

To prevent build up of moisture in crotch area in order to avoid vaginal infections it is recommended by doctors to use clean cotton undergarments and avoid wearing skin fitted clothes. It is also advisable to avoid use of perfumes or deodorants as they can vitiate PH balance, keep the toilet clean with disinfectant, make douches (vaginal wash) after using toilets and consult a doctor before the condition gets worse.

Best treatment to cure Leucorrhoea safely and from roots is through herbal and natural way of healing from Ayurvedic medicines. Majority of population have believe and faith in this age old  system of medicine which is based on extracting medicinal properties from the pure herbs and applying them in combination of modern science to cure the disorders and body ailments in the best way naturally without any side effects.

Based on the principles of ayurveda, Sexclinics offers highly effective medication for females which treats the disorder of white discharge and provides prompt relief from vaginal infections.  The herbal medication strengthens muscles and tissues of reproductive system, prevents excessive secretion of estrogen tp promote balance. The vital nutrients are helpful to remove toxins and balance PH level. The active herbs shatavari, neem, ashwagandha, ashoka, lodhra and nagkesar ensure reduction of blood impurities, improve blood circulation, prevent vaginal infections, and maintain PH balance.

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Friday, 20 April 2018

What Are The Best And Natural Ways To Cure Leucoderma?



Leucoderma is a non contagious skin disease which refers to significant occurrence of white patches on skin due to loss of melanocytes. Skin gets its colour from pigment cells known as melanin and when the cells producing melanin are destructed the skin gets decoloured and white spots start appearing. Initially these white spots are generally found on face, neck, hands elbow and feet which later can spread anywhere on skin as broad white patches if not treated well.

Leucoderma also known as Vitiligo is very common nowadays and can occur at any age. There are multiple reasons which are responsible for destruction of melanocytes, some of them are as follows:

  •          Consuming together food products of different nature (milk and fish) 
  •          Liver dysfunctions 
  •          Impurities of blood 
  •          Accumulation of Toxins in the body 
  •          Stress 
  •          Genetic Disorder 
  •          Presence of worms in digestive system


If early symptoms of tiny white spot has been observed it is recommended to immediately consult a doctor and get a treatment to prevent it from spreading all over the body.

According to Ayurveda aggravation of Pitta under the skin is main cause of bringing de-pigmentation to the skin. Pitta dosha refers to accumulation of toxins deep beneath the skin due to which loss of pigment cells occur. Following the principle of Ayurveda Sanjivani Ayurvedashram has developed best natural treatment for curing the problem of Leucoderma.

The natural pure herbs of best quality are used to bring 100% results such as Haritaki, Aloe vera, Pippali, Kesar, Amalaki, Chavya, Haridra, Mandoor Bhasma, Haldi and others works towards the root cause  and eradicates the toxins from body. These medicinal herbs are also useful in promoting digestive enzymes and the proper functioning of whole digestive system as poor digestive system is another main cause of Leucoderma.

The herbal formula of Treatment from Sanjivani is a boon for leucoderma sufferers as it beholds the secret of getting your natural, smooth, shiny and youthful skin back without any sort of ill effects. This treatment if used regularly as per the prescription of doctor brings the white patches to their natural colour and stops it from spreading all over the body.

It is advisable to not to take stress, improve dietary habits, exercise daily, avoid consuming alcohol and smoking cigarettes, keep yourself hydrated, avoid hard cosmetics and try to take sunbath in the morning for 15- 20 minutes.